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परिचय

चेन्नई क्षेत्रीय प्रयोगशाला

सीएसआईआर-नीरी, चेन्नई क्षेत्रीय प्रयोगशाला, जो राष्ट्रीय पर्यावरणीय अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान, नागपुर के पांच क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं में से एक है, 1969 में इसकी शुरुआत से ही यह तमिल नाडू, कर्नाटक, केरल और पांडिचेरी राज्यों के उद्योगों का एक मार्गदर्शक रहा है। क्षेत्रीय प्रयोगशाला राष्ट्रीय तथा सामाजिक लक्ष्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और सीएसआईआर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की गतिविधियों में मूल संगठन (नीरी, नागपुर) के पदचिन्हों का पालन करता है। इसके अस्तित्व के 47 वर्षों में इस इकाई ने पर्यावरणीय अनुवीक्षण, पर्यावरणीय जैव-प्रोद्योगिकी, हानिकारक अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरणीय प्रणाली के निर्माण, पर्यावरणीय प्रभाव एवं जोखिम आंकलन और पर्यावरणीय लेखा परीक्षा के रूप में अनुसंधान एवं विकास के ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काफी उन्नति की है।

प्रयोगशाला के व्यापक उद्देश्य हैं:

  1. पर्यावरणीय विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकासात्मक अध्ययन आयोजित करना
  2. पर्यावरणीय प्रदूषण के समस्याओं के समाधान में क्षेत्र के उद्योगों, स्थानीय निकायों इत्यादि को सहायता प्रदान करना
  3. पारस्परिक लाभ हेतु शैक्षिक एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ पर्यावरणीय विज्ञान एवं अभियांत्रिकी पर वार्तालाप और सहयोग करना
  4. अनुसंधान के विद्वानों को डॉक्टोरल अध्ययनों में मार्गदर्शन प्रदान करना क्योंकि इस इकाई को मद्रास विश्वविद्यालय एवं अन्ना विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त है।

 सीएसआईआर-नीरी, चेन्नई क्षेत्रीय प्रयोगशाला ने तमिल नाडू, कर्नाटक, केरल राज्यों और साथ ही पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप के संघ राज्य क्षेत्र में प्रदूषण के कुछ अत्यंत गंभीर समस्याओं का हल निकालने में एक बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। क्षेत्रीय प्रयोगशाला ने डब्लूएचओ, विश्व बैंक और अमरीकी सरकार द्वारा वित्त-पोषित अंतर्राष्ट्रीय स्तर की परियोजनाओं का बीड़ा उठाया है। क्षेत्रीय प्रयोगशाला ने 60 से भी अधिक उद्योगों के लिए अपशिष्ट जल उपचार एवं निपटान सुविधा का निर्माण किया है, जिसमे चर्म शोधन उद्योग, पल्प और पेपर, कपड़ा, रासायनिक और ऊर्वरक, भोजन, शर्करा और डिस्टिलरी इत्यादि शामिल है। प्रयोगशाला ने प्रस्तावित अनेक औद्योगिक परियोजनाओं और विस्तारण योजनाओं के लिए पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन अध्ययन निष्पादित किया है। प्रयोगशाला ने गतिविधियों के तीन क्षेत्रों, अर्थात औद्योगिक, वाणिज्यिक और आवासीय क्षेत्रों में वायु प्रतिचायक (एयर सैम्पलर) की स्थापना कर 1978 से चेन्नई शहर के परिवेशी वायु की गुणवत्ता पर निगरानी रखा है।

 पर्यावरणीय सुरक्षा के पक्ष में केंद्र द्वारा हाल में की गई कुछ उल्लेखनीय योगदान नीचे सूचीबद्ध है:

पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन (ईआईए)

  • हरिहर अलॉयज प्राइवेट लिमिटेड, भट्ठी प्रभाग, त्रिची में पर्यावरणीय लेखा परीक्षा
  • मणली रिफाइनरी (I और III), यूरो-IV के प्रस्तावित विस्तारण और आवासीय उत्परिवर्तन, नैप्था हाइड्रोट्रीटर और निरंतर उत्प्रेरकीय उपचार एवं प्रोपाइलिन परियोजनाओं, मणली रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स, तमिल नाडू के लिए ईआईए अध्ययन
  • थिरुचपुरम ग्राम, कड्डलोर जिला, तमिल नाडू में प्रस्तावित रिफाइनरी के लिए पर्यावरणीय प्रभाव एवं जोखिम आंकलन (ईआईआरए)
  • पुडुचेरी बंदरगाह के लिए ईआईआरए
  • सीपीसीएल, मणली के लिए ईआईए
  • केमफैब ऐल्कालिस, पोंडिचेरी के लिए ईआईए
  • पद्मा केमिकल्स, चुनमपेट और कंठाडू के नमक के उद्योग के लिए ईआईए
  • त्रिसूलम क्षेत्र के पत्थर कुचलने वाले उद्योग के लिए धूल उत्सर्जन का आंकलन
  • सिपकॉट औद्योगिक कॉम्प्लेक्स, गुम्मिदीपूंडी में सामान्य हानिकारक अपशिष्ट निपटान केंद्र के लिए ईआईए
  • प्रस्तावित सेतु समुद्रम शिप कैनाल परियोजना के लिए प्रोद्योगिकी-आर्थिक व्यवहार्यता एवं पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन
  • चेन्नई के निकट ह्युंडाई मोटर्स के लिए ईआईए
  • न्यूक्लियर पॉवर प्लांट, कुंडानकुलम के लिए व्यापक पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन (सीईआईए)
  • नेल्लोर, आन्ध्र प्रदेश में ओएनजीसी के अप-तटीय केंद्र के लिए ईआईए
  • सिरुसेरी, चेन्नई के प्रस्तावित हानिकारक अपशिष्ट निपटान स्थल की ईआईए एवं जोखिम आंकलन
  • एन्नोर में पेट्रोकेमिकल परियोजना की स्थापना के लिए पेट्रोकेमिकल एस्टेट के प्रस्तावित विकास के लिए ईआईए
  • नागापट्टिणम, तमिल नाडू में कावेरी द्रोणी के रिफाइनरी (दक्षिण भारत) में 8 एमएमटीपीए विस्तारण की सीईआईए अध्ययन

 

पर्यावरणीय प्रबंधन योजना (ईएमपी)

  • कांचीपुरम, पर्यावरण विभाग, तमिल नाडू सरकार के लिए ईएमपी
  • चेन्नई बंदरगाह के लिए ईएमपी

 

 पर्यावरणीय अनुवीक्षण

  • मेसर्स सीपीसीएल, मणली रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स, तमिल नाडू की पर्यावरणीय गुणवत्ता आंकलन अध्ययन
  • सिपकॉट, कड्डलोर में जल प्रदूषण और उद्योगों के कारण विषाक्त गैसों के उत्सर्जन का मूल्यांकन
  • चेन्नई में राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता अनुवीक्षण
  • एनडब्लू-3, केरल के पश्चिम तट के कैनाल में अपशिष्ट और तलछट की गुणवत्ता का वैज्ञानिक अध्ययन
  • सिपकॉट औद्योगिक कॉम्प्लेक्स, कड्डलोर में वीओसी का आंकलन
  • चेन्नई और कोइम्बटूर में सतही एवं भूजल के श्रोतों पर ऑन-साइट स्वच्छता का प्रभाव
  • मेसर्स सुन्दरम फास्टनर, कृष्णपुरम के लिए पर्यावरणीय गुणवत्ता आंकलन (ईक्यूए)
  • जेम स्टोन बीच रिसोर्ट और थीम पार्क साइट, मुत्तुकाडू के लिए ईक्यूए
  • चेन्नई के भिन्न श्रोतों से हाइड्रोकार्बन की वाष्पशील उत्सर्जनों की सूची

 

पर्यावरणीय प्रणाली की डिज़ाइन, प्रतिरूपण एवं अनुकूलन

  • कैलिकट हवाई अड्डा, केरल के लिए मलजल उपचार संयत्र की डिज़ाइन
  • तमिल नाडू के 13 जिलों में सुनामी से प्रभावित क्षेत्रों के लिए मलजल उपचार संयंत्रों की डिज़ाइन
  • राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली के लिए अपशिष्ट/मलजल उपचार संयंत्र की डिज़ाइन
  • चेन्नई बंदरगाह के लिए मलजल उपचार संयंत्र की डिज़ाइन

 

जल गुणवत्ता का प्रबंधन

  • मेसर्स एपी एंटरप्राइज, मोगाप्पैर पश्चिम क्षेत्र, चेन्नई की आईओसी आउटलेट के लिए मृदा एवं भूजल का आंकलन एवं विसंक्रमण अध्ययन
  • केलावरपल्ली बाँध पर होजर सिपकॉट सीडब्लूएसएस के प्रदर्शन का मूल्यांकन एवं सुधार 
  • पोंडिचेरी और कराईकल क्षेत्रों में भूजल की जलीय-रासायनिक अध्ययन
  • चेन्नई, कोइम्बटूर और बैंगलोर में पेय जल की गुणवत्ता के अनुवीक्षण पर अध्ययन
  • चेन्नई शहर के सतही एवं भूजल श्रोतों के गुणवत्ता पर ऑन-साइट स्वच्छता प्रणाली का प्रभाव
  • जल के विसंक्रमण के लिए नैनो रजत-कार्बन कोर-इन शेल एवं अन्य सामग्रियों का विकास
  • जीवाणु विलवणन सेल: जल के शुद्धिकरण के लिए एक नवीन पद्धति
  • जल जनित रोगजनकों के अनुवीक्षण के लिए नैनो-सामग्रियों पर आधारित जैविक-संवेदकों का विकास

 

 

अपशिष्ट जल प्रबंधन

  • तमिल नाडू के चर्म शोधन कारखानों में अपशिष्ट जल का प्रबंधन
  • तमिल नाडू के डिस्टिलरी में अपशिष्ट जल का प्रबंधन
  • थर्मेक्स, पुणे की तरलीकृत वायवीय जैविक रिएक्टर पर मलजल उपचार संयत्र की विशेषीकरण
  • मेसर्स सेंट गोबैन ऐब्रासिव ग्राइंडवेल नॉर्टन लिमिटेड, बैंगलोर में पहले से मौजूद बहिःस्रावी उपचार सुविधा केंद्र के प्रदर्शन का मूल्यांकन
  • चेन्नई बंदरगाह न्यास में अपशिष्ट जल का प्रबंधन
  • औद्योगिक बहिःस्रावी जल की विषाक्तता का मूल्यांकन करने वाली स्थापित फिश सेल लाइनों का अनुप्रयोग
  • पोर्ट ब्लेयर के लिए अपशिष्ट जल के निपटान का विकल्प

 

पर्यावरणीय सूक्ष्म-जैविकी/ जैविक-प्रोद्योगिकी/ वायरोलॉजी

  • जीवाणुओं के उद्भव का पता लगाने के लिए न्यूक्लिक एसिड पर आधारित आण्विक टूल
  • एलगी के उपयोग से पुफा के जनन हेतु CO2 कैप्चर करने के लिए जैविक-प्रोद्योगिकीय पद्धति- डीबीटी, नई दिल्ली
  • कच्चे तेल द्वारा संदूषित मृदा के पादप-उपचार के लिए जलवायु परिवर्तन एवं पौधों के जीवाणुओं की अन्योन्यक्रिया के परिणाम – डीबीटी की 5 वर्षों के लिए रामलिंगास्वामी फेलोशिप
  • संभावी हानिकारक क्षेत्रों एवं श्रोतों की पहचान के लिए पर्यावरणीय माइकोबैक्टेरिया की पॉलीमराइज श्रृंखला अभिक्रिया (पीसीआर) पर आधारित खोज – आईसीएमआर
  • भूजल और मिट्टी से परकोलेट के निष्कासन के लिए मेटाजिनोमिक पद्धति – आतंरिक परियोजना
  • जैव-प्रोद्योगिकीय तरीके से रंग निकालना और कपड़ा उद्योग से निकलने वाले अपशिष्ट जल का उपचार – नई सहस्राब्दी के लिए परिप्रेक्ष्य – डीबीटी
  • फॉर्मलडीहाइड-मेथनॉल वाले पेंट/रेसिन विनिर्माण अपशिष्ट जल की जैविक-विघटन क्षमता एवं विषाक्तता – डीबीटी
  • प्रभावकारी रूप से कुल स्वच्छता अभियान और स्वजल धारा प्रदान करने के लिए पीएचईडी, एमपी की तकनीकी सुदृढ़ीकरण – यूनिसेफ, भोपाल

 

सीएसआईआर की पूर्व संस्थागत परियोजना – आण्विक पर्यावरणीय विज्ञान में क्षमता का निर्माण

  • जल में जीवाणुओं की गुणवत्ता के अनुवीक्षण हेतु आण्विक जैविकी (प्रतिदीप्ति स्थानापन्न संकरण एवं डीएनए ऐरे) प्रोद्योगिकी
  • एरोसोल से वायु के जीवाणुओं की आण्विक विश्लेषण
  • पीसीआर और जीन प्रोब के माध्यम से समुद्री पर्यावरण एवं समुद्री आहार में मानव आंत्र वायरस की सांद्रता एवं अन्वेषण – डीबीटी
  • जल शुद्धिकरण इकाई (प्योर इट), एचएलएलआरसी, मुंबई के प्रदर्शन का मूल्यांकन
  • ऐजो डाई उद्योग के अपशिष्ट जल से रंग निकालना और जैविक-विघटन – डीबीटी
  • गोवा में पेय जल की वायरोलॉजिकल गुणवत्ता, गोवा पीडब्लूडी, गोवा सरकार

 

ठोस एवं हानिकारक अपशिष्ट प्रबंधन

  • कृषि अपशिष्ट के जैव-द्रव्यमान से नैनो स्तर की जैविक-सिलिका का निष्कर्षण और इसका प्रयोग
  • तमिल नाडू और केरल के महानगरों, राज्यों की राजधानियों, श्रेणी-I और श्रेणी-II नगरों में नगरपालिका की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की स्थिति का आंकलन -  सीपीसीबी
  • आईटीसी, थिरुवोत्तियुर द्वारा निर्मित ठोस अपशिष्ट द्वारा प्रावृत्त कंक्रीट खण्डों के निक्षालन एवं अभियांत्रिकीय क्षमता का अध्ययन
  • केमफैब ऐल्कालिस लिमिटेड, कालापेट, पोंडिचेरी के ठोस अपशिष्टों की निक्षालन क्षमता का अध्ययन
  • इलेक्ट्रोप्लेटिंग आपंकों की घनीकरण और स्थिरीकरण, सीएसआईआर नेटवर्क की परियोजना
  • पर्यावरण अनुकूल चर्म प्रसंस्करण (एसएमएम-10)

    नीरी की चेन्नई क्षेत्रीय प्रयोगशाला ने विद्यमान अंतर्राष्ट्रीय समस्याओं के संबंध में अनेक परिसंवादों और कार्यशालाओं का आयोजन भी किया है। इस केंद्र को मास्टर और डॉक्टोरल डिग्री, दोनों के लिए अनुसंधान कार्य निष्पादित करने में मान्यता प्राप्त है। अब तब अनुसंधान के 23 विद्वानों ने डॉक्टोरल डिग्री प्राप्त की है और पर्यावरणीय अभियांत्रिकी/विज्ञान/जैव-प्रोद्योगिकी में एम.एस.सी/एम.टेक/एम.फिल डिग्री प्राप्त करने के लिए सौ से भी अधिक विद्यार्थियों ने अपना परियोजना कार्य किया है। 

    नीरी की चेन्नई क्षेत्रीय प्रयोगशाला तीन दशकों से भी अधिक समय से उद्योगों, सरकारी अभिकरणों और विभागों के अनुसंधान एवं विकास की आवश्यकताओं का पथप्रदर्शक रहा है और इसके पास भविष्य के लिए प्रगतिशील योजनाएं है। परामर्श एवं प्रायोजित अनुसंधान कार्यों के माध्यम से परामर्श और कार्य, दोनों के रूप में इसकी सेवाएं हमेशा उपलब्ध है।

 

हमारे प्रमुख ग्राहकों में निम्न शामिल हैं:

  1. जैव-प्रोद्योगिकी विभाग (डीबीटी), नई दिल्ली
  2. विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग (डीएसटी), नई दिल्ली
  3. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), नई दिल्ली
  4. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद् (आईसीएमआर), नई दिल्ली
  5. भारतीय अंतर्देशी जल मार्ग प्राधिकरण (आईडब्लूएआई), कोची
  6. केन्द्रीय जन स्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय अभियांत्रिकी संगठन (सीपीएचईईओ), नई दिल्ली
  7. ह्युंडाई मोटर्स इंडिया लिमिटेड, श्रीपेरुम्बुदुर
  8. भारतीय तम्बाकू कंपनी लिमिटेड (आईटीसी)
  9. तमिल नाडू औद्योगिक विकास निगम
  10. थर्मेक्स, पुणे
  11. कृषि विभाग, पोंडिचेरी सरकार
  12. पर्यावरण निदेशालय, तमिल नाडू सरकार
  13. चेन्नई पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड
  14. आईबीपी लिमिटेड
  15. तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी)
  16. चेन्नई बंदरगाह न्यास
  17. टूटीकोरिन बंदरगाह न्यास
  18. चेन्नई महानगर जल आपूर्ति एवं मलजल बोर्ड
  19. तमिल नाडू जल आपूर्ति एवं जल निकास बोर्ड
  20. तमिल नाडू प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
  21. जयमकंदम लिग्नाइट पावर कॉर्पोरेशन
  22. अखिल भारत त्वचीय एवं चर्म शोधन एवं व्यापारी संघ(एआईएसएचटीएमए), चेन्नई
  23. दक्षिणी पेट्रोकेमिकल उद्योग निगम लिमिटेड (एसपीआईसी), टूटीकोरिन
  24. कॉफी अनुसंधान संस्था, चिकमगलूर
  25. मैंगलोर रसायन एवं ऊर्वरक, मैंगलोर
  26. कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
  27. सुंदरम फास्टनरो, मदुराई और पांडिचेरी
  28. जेम स्टोन बीच रिसॉर्ट्स (पी) लिमिटेड, चेन्नई
  29. स्टरलाइट इंडस्ट्रीज, टूटीकोरिन
  30. तमिल नाडू डिस्टिलर्स संघ, चेन्नई
  31. मदुराई कोट्स लिमिटेड, अंबासमुद्रम
  32. वेकावथी केमिकल्स, मदुराई
  33. हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, मुंबई
  34. केमफैब अल्कालिस लिमिटेड, पांडिचेरी
  35. अंडमान और निकोबार प्रशासन, पोर्ट ब्लेयर
  36. चेन्नई महानार विकास प्राधिकरण
  37. मैसर्स सेंट गोबेन, बैंगलोर
  38. भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण (एएआई), चेन्नई
  39. पुडुचेरी बंदरगाह विभाग, पुडुचेरी
  40. तमिल नाडू राज्य उद्योग प्रचार निगम लिमिटेड (एसआईपीसीओटी), कुड्डालोर
  41. नागार्जुन तेल निगम लिमिटेड (एनओसीएल), चेन्नई
  42. मैसर्स हरिहर अलॉय प्राइवेट लिमिटेड, त्रिची
  43. भारतीय तेल निगम लिमिटेड  (आईओसीएल), चेन्नई
  44. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), नई दिल्ली
  45. राजस्व प्रशासन, आपदा प्रबंधन और न्यूनीकरण विभाग, चेन्नई
  46. भारत की राष्ट्रीय शिपिंग निगम
  47. उच्च प्रौद्योगिकी केंद्र, नई दिल्ली

 

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:

वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, नीरी चेन्नई क्षेत्रीय प्रयोगशाला

सीएसआईआर मद्रास कॉम्प्लेक्स, तारामणि, चेन्नई - 600 113
दूरभाष: 2254 4665, फैक्स: 2254 1964
ई-मेल: neerichz@gmail.com, r_sivacoumar@neeri.res.in
वेब पेज: www.neeri.res.in, www.csirmadrascomplex.gov.in 
पर्यावरणीय प्रदूषण के किसी भी समस्या के बारे में

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