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परिचय

संस्थान ऊर्जा, पर्यावरण और संसाधन संरक्षण के लिए उन्नत कार्यात्मक सामग्रियों के विकास में शामिल है। अनुसंधान एवं विकास गतिविधियां आण्विक छिद्रों और जियोलाइट्स, सतह कार्यात्मक जियोलाइट्स, पेरोवस्काईट आधारित उत्प्रेरक सामग्री, बहु-कार्य धातु/ धातु ऑक्साइड सामग्री, कार्बन और प्रकाश उत्प्रेरक सामग्री से संबंधित संरचनात्मक अनुरूपताओं के विकास के क्षेत्र में की जा रही हैं। सामग्री संश्लेषण और विशेषता, और पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण के लिए सामग्रियों के अनुप्रयोगों और ऊर्जा संबंधी अनुप्रयोगों में हालिया प्रगति को समझने के महत्व पर बल देना जारी है। संश्लेषित नई रणनीतियों के उपयोग से फ्लाई ऐश आधारित जिओलाइट, प्लास्मोनिक सामग्रियां, मिश्रित ऑक्साइड, एल्यूमिना कंपोजिट्स, सतह संशोधित एमसीएम -41 सामग्रियां, जिओलाइट आधारित प्रकाश उत्प्रेरक सामग्रियां, प्रतिस्थापित और गैर प्रतिस्थापित पेरोवस्काईट सामग्रियां, दृश्य-प्रकाश-सक्रिय TiO2 आधारित प्रकाश उत्प्रेरक, तापीय रूप से स्थिर पेरोवस्काईट प्रकार रुथेनेट्स, अपशिष्ट सामग्रियों पर आधारित कार्बन, कार्बन आण्विक छिद्र एवं संबंधित सूक्ष्म-सरंध्र सामग्रियों जैसी नई सामग्रियों की वरणात्मकता पर बल देते हुए इनसे संबंधित अनुसंधान एवं विकास गतिविधियाँ प्रगति में है। नई सामग्रियों से पर्याप्त लाभ सहित कई पर्यावरणीय एवं ऊर्जा प्रोद्योगिकियां उभरी हैं जिसके कारण बर्बादी में घटाव और ऊर्जा की दक्षता में बढ़त, पर्यावरणीय रूप से सुद्म्य कंपोजिट संरचना, अपशिष्टों का उपचार और ऊर्जा का संरक्षण शामिल है। इन सामग्रियों का उपयोग सतत विकास के लिए सौर ऊर्जा (सूर्य) के उपयोग, CO2 कैप्चर और मूल्यास्थिरिकरण, आतंरिक वायु की गुणवत्ता, डीजल एग्जॉस्ट उत्सर्जन नियंत्रण, मीथेन की उत्प्रेरकीय प्रज्वलन, कृत्रिम प्रकाश-संश्लेषण एवं विशेष रूप से वीओसी, आर्सेनिक एवं फिनोलिक के सन्दर्भ में जल एवं अपशिष्ट जल का उपचार के क्षेत्र में संभावी पर्यावरणीय अनुप्रयोगों के कारण किया जा रहा है।

  • आंतरायिक सौर ऊर्जा का भण्डारण योग्य एवं परिवहन योग्य, सघन ठोस ईंधन के रूप में परिवर्तन
  • सौर-निर्मित जिंक नवीकरणीय ऊर्जा का एक आकर्षक वाहक है
  • प्रकाश उत्प्रेरक- ऊष्मीय रासायनिक चक्रों के माध्यम से हाइड्रोजन का उत्पादन ने जल वियोजन में H2/O2 पृथक्करण समस्या से परे है (अलग-अलग चरणों पर हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन का उत्पादन)

सामग्रियों का विकास

  • आंतरायिक सौर ऊर्जा का भण्डारण योग्य एवं परिवहन योग्य, सघन ठोस ईंधन के रूप में परिवर्तन
  • सौर-निर्मित जिंक नवीकरणीय ऊर्जा का एक आकर्षक वाहक है
  • प्रकाश उत्प्रेरक- ऊष्मीय रासायनिक चक्रों के माध्यम से हाइड्रोजन का उत्पादन ने जल वियोजन में H2/O2 पृथक्करण समस्या से परे है (अलग-अलग चरणों पर हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन का उत्पादन)

 


पैराबोलिक डिस्क के साथ प्रकाश-ऊष्मीय

उत्प्रेरकित सौर ऊष्मीय तापन

http://www.neeri.res.in/neeri/sites/default/files/Untitled1_8.png

 

  • जल में सीएनपी के प्लास्मोनिक गुण सौर ऊर्जा को उस स्थान पर केन्द्रित करता है जहाँ वाष्पन होता है।
  • ऊष्मा हानियों को घटाता है जिसके कारण वाष्प जनन के समय खुले में निम्न प्रकाशीय सांद्रता पर सौर ऊष्मीय दक्षता बढ़ती है।

सौर आसवन

 

  • यह एक अत्यंत सरल एवं एक चक्रीय प्रक्रिया है।
  • धूल और गन्दगी निकालने के लिए वाष्पन।
  • साफ और शुद्ध पानी एकत्रित करने के लिए आसवन।