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नीति,दृष्टि तथा लक्ष्य
संघ की राजभाषा नीति का पालन करते हुए
"नराकास का प्रयास राजभाषा के माध्यम से राष्ट्र का विकास"
नराकास पृष्ठभूमि
गृह मंत्रालय , राजभाषा विभाग के निर्देशानुसार नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, नागपुर का गठन वर्ष 1981 मे किया गया ।
राजभाषा विभाग के कार्यः
राजभाषा संबंधी सांविधानिक और कानूनी व्यवस्थाओं का अनुपालन करने एवं संघ के सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए गृह मंत्रालय के एक स्वतंत्र विभाग की स्थापना जून, 1975 में की गई थी । अपनी स्थापना के समय से ही यह विभाग संघ के सरकारी कामकाज में राजभाषा हिंदी का प्रयोग बढ़ाने के लिए प्रयास करता आ रहा है । भारत सरकार (कार्य आंबटन ) नियम, 1961 के अनुसार, राजभाषा विभाग के कार्य निम्नलिखित हैः
1. संविधान में राजभाषा से संबंधित उपबंधों तथा राजभाषा अधिनियम, 1963 (1963 का 19) के उपबंध का कार्यान्वयन, वहां तक के सिवाय जहां तक इस प्रकार का कार्यान्वयन किसी अन्य विभाग को सौंप दिया गया है।
2.राज्य के उच्च न्यायालय की कार्यवाही में अंग्रेजी भाषा से भिन्न किसी भाषा का सीमित प्रयोग प्राधिकृत करने के लिए राष्ट्रपति का पूर्व अनुमोदन ।
3. संघ की राजभाषा के रूप में हिंदी के प्रगामी प्रयोग से संबंधित सभी मामलों के लिए नोडीय उत्तरदायित्व, केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिए हिंदी शिक्षण योजना सहित पत्र-पत्रिकाओं और उससे संबंधित अन्य साहित्य का प्रकाशन ।
4. संघ की राजभाषा के रूप में हिंदी के प्रगामी प्रयोग से संबंधित सभी मामलों में समन्वय जिनमें प्रशासनिक शब्दावली, पाठ्य-विवरण, पाठ्य-पुस्तकें, प्रशिक्षण पाठयक्रम और उनके लिए अपेक्षित उपस्कर (मानकीकृत लिपि सहित) शामिल हैं।
5. केंद्रीय सचिवालय राजभाषा सेवा का गठन और संवर्ग प्रबंध ।
6. केंद्रीय हिंदी समिति, इसकी उप-समितियों सहित, से संबंधित मामले ।
7.विभिन्न मंत्रालयों, विभागों द्वारा स्थापित हिंदी सलाहकार समितियों से संबंधित कार्य का समन्वय ।
8. केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो से संबंधित मामले।

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