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Council of Scientific & Industrial Research
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
Ministry of Science & Technology
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वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की एक घटक प्रयोगशाला
(विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक स्वायत्त संगठन)

डॉ. एस. वेंकट मोहन, निदेशक, सीएसआईआर-नीरी, नागपुर
डॉ. एस. वेंकट मोहन जनवरी 2025 से सीएसआईआर–राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-नीरी), नागपुर के निदेशक हैं। इससे पूर्व वे 1998 से सीएसआईआर–इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (सीएसआईआर-आईआईसीटी), हैदराबाद में वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत थे।
उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक., पर्यावरण अभियांत्रिकी में एम.टेक. तथा श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय, तिरुपति से पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। वे क्योटो विश्वविद्यालय, जापान में विज़िटिंग प्रोफेसर तथा जर्मनी के टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख में अलेक्ज़ेंडर वॉन हंबोल्ट फेलो रह चुके हैं।
डॉ. मोहन का शोध मानव-जनित पर्यावरणीय चुनौतियों को सततता-आधारित ढांचे के माध्यम से संबोधित करता है, जिसमें पर्यावरणीय जैव-अभियांत्रिकी का एकीकरण किया गया है। वे बायोमैन्युफैक्चरिंग के लिए नेक्सस-आधारित दृष्टिकोण अपनाते हैं, जिससे कम-कार्बन ऊर्जा, जैव-आधारित रसायन एवं सतत सामग्री के विकास को बढ़ावा मिलता है। उनकी विशेषज्ञता उन्नत अपशिष्ट उपचार, बायोरिफाइनरी, बायोइलेक्ट्रोकेमिकल सिस्टम, जीवन-चक्र विश्लेषण तथा परिपत्र जैव-अर्थव्यवस्था रणनीतियों तक विस्तृत है। उनके कार्य से कई महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धियाँ प्राप्त हुई हैं, जिनमें अपशिष्ट जल एवं सीवेज उपचार, एसिडोजेनिक बायोहाइड्रोजन उत्पादन, अपशिष्ट बायोरिफाइनरी, हाइब्रिड CO₂ जैव-अवशोषण तथा पर्यावरणीय सुधार और सतत ऊर्जा समाधान हेतु बायोइलेक्ट्रो-कैटलिटिक प्रक्रियाओं के लिए पूर्ण-स्तरीय एवं पायलट-स्तरीय प्रणालियों का विकास और कार्यान्वयन शामिल है।
डॉ. मोहन 450 से अधिक शोध लेखों, एक मोनोग्राफ, एक पुस्तक, 60 पुस्तक अध्यायों तथा पाँच संपादित खंडों के लेखक हैं। उनके नाम 16 पेटेंट हैं और उन्होंने 42 पीएच.डी. विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया है। उनके शोध कार्य को 36,000 से अधिक उद्धरण प्राप्त हुए हैं तथा उनका h-index 103 है।
उन्हें शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार, आईएनएई-सर्ब अब्दुल कलाम टेक्नोलॉजी इनोवेशन नेशनल फ़ेलोशिप, DBT-टाटा इनोवेशन फ़ेलोशिप, क्यूंग ही इंटरनेशनल फ़ेलोज़, VASVIK औद्योगिक अनुसंधान पुरस्कार, ProSPER.NET-Scopus यंग रिसर्चर अवार्ड (सतत विकास, 2010), NASI-Scopus यंग साइंटिस्ट अवार्ड (पृथ्वी, महासागरीय एवं पर्यावरण विज्ञान) तथा NDRF-IEI पर्यावरण अभियांत्रिकी डिज़ाइन पुरस्कार सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया है।
वे नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज़, इंडिया (FNASc), इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग (FNAE), तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश एकेडमी ऑफ साइंसेज़ तथा द बायोटेक रिसर्च सोसाइटी ऑफ इंडिया (FBRSI) के निर्वाचित फेलो हैं। इसके अतिरिक्त, वे कई प्रमुख वैज्ञानिक पत्रिकाओं के संपादकीय बोर्ड में सदस्य हैं और जैवसंसाधन प्रौद्योगिकी रिपोर्ट के प्रधान संपादक (Editor-in-Chief) के रूप में भी कार्यरत हैं।